Career

ISRO Chairman List : ISRO Full Form हिन्दी में

नमस्कार दोस्तों , आज हम ISRO Chairman के बारे में इस लेख में जानेंगें तो चलिये सबसे पहले जानते है ISRO Full Form क्या है – Indian Space Research Organization . आज अंतरिक्ष मे होने वाली किसी भी तरह की हलचल के बारे मे हमे जल्दी से पता चल जाता है, अंतरिक्ष मे होने वाली हलचल के बारे मे हमे बताने वाले ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) है। भारत मे ISRO की स्थापना 1969 मे की गयी थी। तब से लेकर आज तक यहा पर बहुत से ISRO Chairman ने इस संस्थान मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाही है।

यह भारत का पहला और  सबसे पुरानी संस्थान है जो अंतरिक्ष के बारे मे ज्यादा अनुभव रखता है। यहा पर बहुत से महान Chairman जैसे विक्रम साराभाई, सतीश धवन, के राधाकृष्णन, डॉ. के सिवन जैसे लोगो ने काम कर इससे सबसे बेहतरीन  संस्थान  बनाया है।

isro-chairman-List

ISRO क्या है?

ISRO (Indian Space Research Organization) भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है, जो की भारत मे बंगलुरु मे स्थित है। इस संस्थान मे लगभग 17000 कर्मचारी व वैज्ञानिक काम  करते है। ISRO हमारे देश के लिए अंतरिक्ष मे जरूरत की तकनीकी सेवा प्रदान करता है जैसे उपग्रहो की खोज करना, रॉकेट लॉन्च करना, अंतरिक्ष  मे जरूरी होने वाली सभी गतिवधियों पर नजर रखना आदि।

List of ISRO Chairman

भारत मे ISRO मे बहुत से लोग काम करते है, परंतु इसे चलाने वाले कुछ Chairman रह चुके है,  जिन्होने अपने कार्यकल मे बहुत से महत्वपूर्ण काम किये। हम इस सभी ISRO Chairman के कार्यकाल समय के साथ सभी कार्यो के बारे मे जानेगे। चलिये जानते है ISRO Chairman के बारे मे;

1. डॉ. विक्रम साराभाई – First ISRO Chairman

डॉ. विक्रम साराभाई ISRO के पहले Chairman थे, इन्होने 1963 से 1972 तक ISRO Chairman के पद पर काम किया था। डॉ. विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक भी कहा जाता है। डॉ. विक्रम साराभाई ने कुछ नयी संस्थानों की स्थापना भी की थी, जैसे

1.       Physical Research Laboratory जो की अहमदाबद मे है।

2.      दूसरी संस्थान Indian Institute of Management यह भी अहमदाबद मे खोली गयी है।

3.      तीसरा Vikram Sarabhai Space Centre जो की तिरुवनंतपुरम मे है।

4.      Faster Breeder Test Reactor यह संस्थान कल्पक्कम मे बना हुआ है।

5. अंतरिक्ष उपयोग सेंटर (अहमदाबाद) यह 6 संस्थानों व सेंटर को मिलकर बनाई गयी है।

6. भारतीय यूरेनियम निगम लिमिटेड यह बिहार मे स्थित है।

7. कम्यूनिटी साइंस सेंटर जो की अहमदाबाद मे बना हुआ है।

8. Variable energy cyclotron प्रोजेक्ट जो की कोलकाता मे स्थित है।

9. भारतीय इलेक्ट्रॉनकी निगम लिमिटेड, हैदराबाद

 2. एमजीके मेनन

एमजीके मेनन भारत के ISRO Chairman थे परंतु इन्होने 9 महीने तक ISRO के Chairman पद पर काम किया था, क्यूकी इनका जल्दी निधन हो गया था।

यह जनवरी 1972 से सितंबर 1972 तक ही ISRO के chairman पद पर रहे। इन्होने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च  मे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

3. प्रोफेसर सतीश धवन

प्रोफेसर सतीश धवन भारत के ISRO मे दूसरे  Chairman बने थे इन्होने 1972 से 1984 तक Chairman पद पर काम किया था। प्रोफेसर सतीश धवन  का डॉ. विक्रम साराभाई की सफलता मे बहुत बड़ा योगदान माना जाता है। प्रोफेसर सतीश धवन का जन्म 25 सितंबर 1920 मे हुआ था, यह भारत के रॉकेट वैज्ञानिक थे।

जब यह ISRO Chairman बने इन्होने Peripheral layer research के लिए बहुत प्रयास किये। इनके प्रयासो के कारण भारत मे इंडियन रिमोट सेन्सिंग सेटेलाइट और पोलर सेटेलाइट लॉन्च विहीकल (PSLV) जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम बने। इन्होने IISC मे सुपरसोनिक विंड टनल को भी स्थापित किया।

4. प्रो यूआर राव

प्रो यूआर राव भारत के ISRO  Chairman मे से एक थे। यूआर राव प्रो ने 1984 से 1944 यानि  10 साल तक Chairman के पद पर काम किया था। इन्होने 1972 मे भारत के सेटेलाइट प्रौद्योगिकी की स्थापना के जिम्मेदारी को अच्छे से निभाया।

1975 मे प्रो यूआर राव ने पहला भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट की डिजाइन को  करने मे अपना योगदान दिया था।

5. डॉ. कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन

डॉ. कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन ISRO के तीसरे Chairman थे, इन्होने ISRO मे 1994 से 2003 तक Chairman के पद पर काम किया। यह ISRO सेटेलाइट सेंटर के पहले डाइरेक्टर थे। यहा पर इन्होने अंतरिक्ष यान, राष्ट्रीय  सेटेलाइट, रिमोट सेन्सिंग सेटेलाइट (IRS-1A व 1B) साथ ही साथ वैज्ञानिक  सेटेलाइट से जुड़ी बहुत से गतिविधियों का सर्वे किया।

डॉ. कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन ने Earth Observation Satellite (भास्कर I व II)  के प्रोजेक्ट डाइरेक्टर भी  थे। ISRO Chairman के रूप मे बहुत से अंतरिक्ष कार्यक्रमों का लीड किया। जैसे 

•        पोलर सेटेलाइट लॉन्च विहीकल (PSLV),

•       लॉन्च विहीकल,

•       Geosynchronous सेटेलाइट लॉन्च विहिकल (GSLV) की पहली उड़ान

डॉ. कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन ने Sea observation सेटेलाइट (IRS-P3 व P4), सिविलयन सेटेलाइट, IRS 1C व 1D के देख भाल का काम को भी किया।

6. श्री जी.माधवन नायर

श्री जी.माधवन नायर का जन्म 31 अक्तूबर, 1943 को हुआ था। इन्होने 1967 मे थुम्बा Equatorial राकेट  लॉन्च सेंटर मे काम शुरू किया। श्री जी.माधवन नायर ने ISRO के Chairman पद पर 2003 से 2009 तक काम किया था।

श्री जी.माधवन नायर चंद्रयान-1 को चेक किया था। यह भारत के पहली चंद्र जांच थी। इसे श्री जी.माधवन नायर के समय मे लॉन्च किया था।

श्री जी.माधवन नायर ने अपने 6 साल के ISRO Chairman पद पर 25 मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया था। जैसे इन्सैट-3ई, इन्सैट-4बी, एडुसैट, इन्सैट-4ए, PSLV-C 5, PSLV-C 5, PSLV-C 7, PSLV-C10, पीएसएलवी-सी8, PSLV-C 9, PSLV-C 11, PSLV-C 12, PSLV-C 14, ओशनसैट-2, एसआरई-1, कार्टोसैट-2, GSLV-F1 आदि शामिल है।

7. डॉ. राधाकृष्णन

डॉ. राधाकृष्णन ने श्री जी.माधवन नायर के ISRO chairman पद से हटने के बाद  आईएसआरओ चेरमेन का पद ले लिया। डॉ. राधाकृष्णन ने ISRO Chairman के पद पर 5 साल तक काम किया है।

यह ISRO के Chairman 2009 मे बने थे। इन्होने मंगल ग्रह पर मंगलयान को पहले ही प्रयास मे पहुचाने मे सफलता हासिल कर ली थी। इन्होने ISRO मे अपने काम की शुरुआत 1971 मे विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर से की थी। यह तिरुवनंतपुरम में एवियॉनिक्स इंजीनियर भी रहे थे।

8. शैलेश नायक

शैलेश नायक ISRO Chairman पद पर सबसे कम समय तक काम किया। इनके कम समय के लिए ISRO Chairman बनने का कारण डॉ. राधाकृष्णन का रिटायरमेंट लेना था। इस बीच मे शैलेश नायक  व श्री ए एस किरण कुमार का नाम ISRO Chairman पद के लिए लिया गया परंतु बाद मे खारिज कर दिया।

यह 1 जनवरी 2015 से 12 जनवरी 2015 तक  यानि 12 दिन के लिए  ISRO Chairman  बने थे। यह समुद्री विज्ञान और रिमोट सेंसिंग के वैज्ञानिक है, यह इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इन्फॉर्मेशन संस्थान मे Chairman भी है, जो की हैदराबाद मे बना हुआ है।

 9. श्री ए एस किरण कुमार

श्री ए एस किरण कुमार भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक है। यह ISRO के Chairman पद पर भी  काम किया। इन्होने 2015 मे ISRO Chairman पद का काम संभाला। यह पहले स्पेस एप्लिकेशन सेंटर जो की अहमदाबाद मे है, उसके डाइरेक्टर थे।

श्री ए एस किरण कुमार ने अपने करियर की शुरुआत 1975 मे अहमदाबाद के स्पेस एप्लिकेशन सेंटर से की थी। यह बाद मे एसोसिएट डायरेक्टर बने व 2012 मे इसके डाइरेक्टर बन गए। इन्होने इलेक्ट्रो ऑप्टिकल इमेजिंग सेंसर, भास्कर टीवी पेलोड,  मार्स कलर कैमरा, थर्मल इंफ्रेडिड इमेजिंग स्पेक्ट्रोमीटर, मार्स आर्बिटर अंतरिक्ष यान के मार्स टूल्स के लिए मीथेन सेंसर का निर्माण करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई किया।

10. डॉ. के सिवन

डॉ. के सिवन ISRO के वर्तमान के chairman है। इन्होने ISRO के साथ अपने करियर की शुरुआत 1982 मे शामिल होकर करी थी। यह PSLV के प्रोजेक्ट मे भी शामिल किया गया था।

डॉ. के सिवन को एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, मिशन डिजाइन, स्पेस ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम इंजीनियरिंग, मिशन सिमुलेशन सॉफ्टवेयर डिजाइन आदि मे महारत हासिल कर रखी है। डॉ. के सिवन ने एंड-टू-एंड मिशन योजना के डिजाइन, इंटरग्रेशन, व एनालिसिस मे बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

डॉ. के सिवन ने ISRO मे GSLV, MKII, व MKI 8 के लिए RLV-TD मे अपना अच्छा योगदान दिया था। यह किसी भी दिन रॉकेट को सफलतापूर्वक  लॉन्च कर सकने वाली ‘डे-ऑफ-लॉन्च विंड बायसिंग रणनीति जानते थे। इन्होने PSLV के एकल मिशन मे 104 सेटेलाइटस को लॉन्च किया।

FAQ’s

What is the salary of isro chairman?

Chairperson of ISRO is secretary to government of India.They will have basic pay fixed at 2.25 lakhs p.m.

Who will be next ISRO Chairman?

Mr. Somnath to be appointed as the next Chairman of the ISRO.The term of the present Chairman of ISRO, K Sivan is upto January 15, 2021.

Who succeeded Dr. Vikram Sarabhai as the chairman of isro?

He succeeded Vikram Sarabhai, the founder of the Indian space programme, as Chairman of the Indian Space Research Organisation (ISRO) in 1972

Who is the present chairman of isro

Dr. K Sivan is the present chairman of ISRO upto January 15, 2021

Related posts

पोक्सो एक्ट या अधिनियम (POCSO Act) क्या है? – महिला एवं बाल अपराध रोकने का कानून 2012

Saumya

Birla Mandir – भारत के 18 राज्यों में बसे लोकप्रिय बिरला मंदिर

Saumya

National Education Policy Kya Hai – राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020

Saumya

Samay ka Mahatva Kya Hai?- क्यों आपका समय इतना महत्वपूर्ण है ?

Saumya

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.